शुक्रवार, अप्रैल 15, 2011

हांगकांग में पर्दे पर उतरी पहली थ्री डी एडल्ट फिल्म


 


हांगकांग के सिनेमाघरों में इन दिनों एक एडल्ट फिल्म ने धूम मचा रखी है. दुनिया की इस पहली थ्री डी एडल्ट फिल्म को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है और ज्यादातर सिनेमाघर हाउसफुल हैं.

चीनी कामसूत्र की एक पुरानी कहानी पर 32 लाख यूरो की लागत से बनाई गई कैन्टोन भाषा की फिल्म थ्री डी सेक्स एंड जेनः एक्सट्रीम एक्सटैसी में भोग विलास, अदला बदली और विस्तार से दिखाए गए सेक्स के कुछ दृश्य हैं. इसे देखने के लिए छात्रों और कामकाजी लोगों के साथ ही रिटायर हो चुके लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. सिनेमाघरों के बाहर लंबी लंबी कतारें दिख रही हैं.
इस भीड़ में महिलाओं की तादाद भी अच्छी खासी है और वे बेझिझक इस भीड़ का हिस्सा बन रही हैं. टिकट लेने के लिए कतार में खड़ी 32 साल की जस्टिन लाइ ने कहा, "आमतौर पर मैं ज्यादा फिल्में देखने नहीं जाती, लेकिन यह फिल्म इतनी अच्छी है कि इसे छोड़ा नहीं जा सकता. मैं देखना चाहती हूं कि थ्री डी पोर्न बड़े पर्दे पर कैसा नजर आता है." 113 मिनट की इस फिल्म को हांगकांग में तीसरी श्रेणी का प्रमाण पत्र दिया गया है. मतलब 18 साल से ऊपर का कोई भी शख्स इसे देख सकता है. फिल्म देखने के लिए सबसे पहले पहुंचने वालों में 21 साल की यान शेक भी हैं. वह कहती हैं, "हम लोग काफी उत्सुक हैं. पहली बार व्यस्कों वाली फिल्म सिनेमा हॉल में देखने जा रहे हैं. यह अनुभव बहुत शानदार होना चाहिए."
फिल्म देखने के लिए काम छोड़ा
फिल्म देखने के उत्साह में कई लोगों ने तो अपने काम से छुट्टी ले ली है. सेल्स एग्जिक्यूटिव डेविड कहते हैं, "मैं पहले दिन पहला शो देख रहा हूं ताकि मैं अपने दोस्तों में यह फिल्म देखने वाला पहला शख्स बन जाऊं." फिल्म की कहानी मिंग वंश के एक युवक की है जो कुलीन वर्ग की सेक्स दुनिया में दाखिल होने के बाद महसूस करता है कि उसकी पूर्व पत्नी ही उसके जीवन का प्यार है. फिल्म में जापानी वयस्क फिल्मों की अभिनेत्री यूकियो सुओ और साओरी हारा ने काम किया है.
शुक्रवार से यह फिल्म ताइवान के सिनेमाघरों में भी उतर रही है. इसके अलावा दूसरे एशियाई बाजारों में भी फिल्म को लेकर खासी दिलचस्पी देखी जा रही है जिनमें जापान और दक्षिण कोरिया भी शामिल हैं. इसके अलावा यूरोप और अमेरिका से भी फिल्म दिखाने की मांग आ रही है. हांगकांग और ताइवान की ट्रैवल एजेंसियां चीन के सैलानियों के लिए फिल्म के खास शो भी बुक कर रही हैं. चीन में सेंसर के कड़े नियम हैं इसलिए ऐसी फिल्में सिनेमाघरों में नहीं दिखाई जा सकतीं.
आलोचकों की कलम भी दौड़ी
फिल्म पर आलोचकों ने भी ढेर सारे पन्ने रंगे हैं. साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के फिल्म समीक्षक पॉल फोनोरॉफ कहते हैं, "स्क्रिप्ट की सबसे बुरी बात बनावटी नैतिकता है. गंभीर प्यार स्वच्छंद कामुकता की तुलना में ज्यादा संतोष देने वाला बताया है. इस विचार को अगर सचमुच व्यवहार में ला दिया जाए तो टिकटों की बिक्री काफी नीचे चली जाएगी." कुछ लोग इसे 1979 में बनी फिल्म सेक्स एंड जेन का रीमेक बता रहे हैं जो हांगकांग में अब तक की सबसे हिट एडल्ट फिल्म है.
बहरहाल फिल्म की शानदार सफलता ने दूसरे निर्देशकों को भी इस बारे में सोचने पर विवश किया है. इटली के फिल्म निर्देशक टिंटो ब्रास ने 1979 की एडल्ट फिल्मकैलिगुला को थ्रीडी माध्यम में दोबारा बनाने का एलान किया है तो हस्लर साइंस फिक्शन फिल्म अवतार का थ्रीडी में एडल्ट वर्जन बनाने की सोच रहे हैं.

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