गुरुवार, मार्च 17, 2011

बॉलीवुड में युवाओं के लिए नई पहल


 

बॉलीवुड के ज्यादातर फिल्म स्टार 40 साल से अधिक उम्र के हैं और इन सभी को लगभग हर फिल्म में युवाओं की तरह दिखना होता है. बॉलीवुड अब युवाओं के लिए युवा कलाकारों के साथ फिल्मे बनानी की योजना बना रहा है, जो बदलाव का संकेत है.

 
80 के दशक में जब आमिर खान ने फिल्में करनी शुरू की तब वो कॉलेज जाने वाले लड़के का किरदार निभाया करते थे. आज 25 साल बाद भी वो वही किरदार निभा रहे हैं. थ्री इडियट्स में आमिर ने 20 साल के लड़के का किरदार निभाया. कलाकारों की उम्र भले ही बढ़ रही हो लेकिन उनके किरदारों की नहीं. अपनी उम्र के चालीस साल पार कर चुके हिन्दी फिल्मों के सुपर स्टार बॉलीवुड की फिल्मों में अपने से आधी उम्र के युवाओं का किरदार निभा रहे हैं, लेकिन बॉलीवुड में ऐसा भी कुछ हो रहा है, जिसके चलते युवा कलाकार ही युवा किरदारों को निभाएंगे.  
60 प्रतिशत दर्शक युवा
बॉलीवुड के दो बड़े प्रोडक्शन हाउस यश राज फिल्म्स और वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स ने खासतौर पर 18 से 25 साल के युवाओं के लिए फिल्म बनाने के लिए एक अलग ब्रांच बनाई है. इन प्रोडक्शन हाउसों को उम्मीद है कि युवा वर्ग इन फिल्मों को पसंद करेगा, जिससे बॉलीवुड में ऐसी फिल्मों को बढ़ावा मिलेगा.
बॉलीवुड फिल्मों की सफलता का आकलन करने वाली कंपनी 4 साइट के अधिकारी सी श्रीधर ने कहा, "हिन्दी फिल्म जगत ने इस बात को महसूस किया है कि फिल्मों के 60 प्रतिशत दर्शक युवा वर्ग से आते हैं, इसलिए हम युवा वर्ग की अनदेखी नहीं कर सकते और युवाओं की पसंद को समझना जरूरी है." 
एसएमएस युग की पीढ़ी
नाच गाना, फेमेली मेलोड्रामा बॉलीवुड की फिल्मों के खास थीम रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह परंपरा बदली है. मल्टीप्लेक्स कल्चर से शहरी दर्शकों के लिए कुछ अलग तरह की फिल्में बन रही हैं और बॉलीवुड में नए थीम और अलग तरह की स्टोरी लाइन पर काम हो रहा है. बॉलीवुड के दर्शकों में ज्यादातर युवा हैं, जो या तो कॉलेज में हैं या फिर अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं. यह दर्शक वर्ग सिनेमा के लिए पहले से ज्यादा पैसा खर्च कर सकता है.
वियाकॉम 18 के अधिकारी विक्रम मल्होत्रा ने कहा, "युवा ऐसा दर्शक वर्ग है, जो बाकी दूसरे वर्गों की तरह नहीं सोचता और हमेशा प्रयोगवादी सिनेमा के लिए तैयार रहता है." उन्होंने कहा, "यह एसएमएस युग की पीढ़ी है और लोगों के पास किसी एक चीज के लिए ज्यादा वक्त नहीं है, क्योंकि उन्हें और भी कई काम करने है." वियाकॉम 18 ने युवाओं के लिए फिल्म बनाने के लिए "टिपिंग प्वाइंट" नाम से एक अलग ब्रांच बनाई है.
नए कलाकारों को मौका
मल्होत्रा ने कहा, "टिपिंग प्वाइंट के जरिये 18 से 25 साल के युवाओं के लिए फिल्में बनाई जाएंगी, जिनमें युवा डायरेक्टरों और नए कलाकारों को मौका मिलेगा. इन फिल्मों की स्टोरीलाइन क्राइम से लेकर रोमांस तक होगी, लेकिन अहम बात यह होगी कि ये फिल्में भारत के आम युवा की पसंद के मुताबिक होनी चाहिए."
इन फिल्मों में कहानी कहने का तरीका किस तरह अलग होगा, इस पर श्रीधर कहते हैं, "इन फिल्मों में ज्यादा तकनीक इस्तेमाल होगी. साथ ही बेहतर एक्शन, बेबाक किरदार इन फिल्मों को नई पहचान देंगे."
शाहरुख खान, सलमान खान, आमिर खान, अक्षय कुमार जैसे बॉलीवुड के सुपर स्टार 40 साल से ज्यादा उम्र के हैं. आमतौर पर किसी भी नए डायरेक्टर को 30 साल की उम्र के बाद ही किसी फिल्म में ब्रेक मिलता है, लेकिन अब इस मामले में बदलाव आ रहा है.
वियाकॉम 18 ने युवा डायरेक्टर अनुराग कश्यप को "टिपिंग प्वाइंट" के प्रोजेक्ट में क्रिएटिव कंसल्टेंट बनाया है. अनुराग खुद भी एक थ्रिलिर फिल्म डायरेक्ट कर रहे हैं, जिसका नाम गैंग्स ऑफ वासीपुर है.

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